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मुकेश अंबानी के Jio IPO को मंजूरी, SEBI के फैसले से निवेशकों में उत्साह

मुंबई 

रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ का इंतजार कर रहे हैं तो ये खबर आपके काम की है। दरअसल, जियो प्लेटफॉर्म्स को अपने ड्राफ्ट इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) पेपर्स के लिए सेबी (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। बता दें कि रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने आईपीओ के लिए जून में ड्राफ्ट पेपर दाखिल किया था। इस इश्यू के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर (लगभग 37,700 करोड़ रुपये) जुटाने की योजना बना रही है जिससे इसका मूल्यांकन लगभग 137 अरब डॉलर आंका गया है।

27 करोड़ नए शेयर जारी करने की योजना
बाजार नियामक सेबी के समक्ष दाखिल ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, कंपनी 10 रुपये फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो इश्यू के बाद की चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा। मतलब ये कि इसमें शेयरहोल्डर्स शेयर नहीं बेचेंगे।

इस आईपीओ के लिए KFin टेक्नोलॉजीज को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। वहीं, कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टैनली इंडिया, BofA सिक्योरिटीज इंडिय, एक्सिस कैपिटल, BNP Paribas, सिटी ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, HDFC बैंक, HSBC, ICICI सिक्योरिटीज, IIFL कैपिटल सर्विसेज, Jefferies, जेपी मॉर्गन, SBI कैपिटल मार्केट्स, UBS सिक्योरिटी समेत कई बड़े वित्तीय संस्थानों को बुक-रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है।

क्या होगा पैसे का?
नए शेयर के जरिए आईपीओ से जो रकम मिलेगी वो कंपनी के लिए होगी। ऐसे में यह पेशकश रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक अहम कदम मानी जा रही है। कंपनी ने बताया था कि इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग मुख्य रूप से उसकी दूरसंचार इकाई के कर्ज के आंशिक या पूरा भुगतान के लिए किया जाएगा। वहीं, सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा। बता दें कि मार्च 2026 तक कंपनी पर कुल 71,529 करोड़ रुपये का बकाया कर्ज था।

वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का राजस्व 1.47 लाख करोड़ रुपये और नेट प्रॉफिट लगभग 30,000 करोड़ रुपये रहा। इसी अवधि में इसके ग्राहकों की संख्या 52.44 करोड़ रही, जिनमें से 26.85 करोड़ यूजर 5जी नेटवर्क से जुड़े हैं। कंपनी ने अपनी भविष्य की रणनीति के तहत 2030 तक पूरे ग्राहक आधार को 5जी नेटवर्क पर स्थानांतरित करने, ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार करने और एआई आधारित सेवाओं को बढ़ाने की योजना बनाई है।

फेसबुक और गूगल का दांव
आपको बता दें कि जियो प्लेटफॉर्म्स ने पहले भी वैश्विक प्रौद्योगिकी एवं निजी इक्विटी निवेशकों से बड़ी रकम जुटाई है। वर्ष 2020 में कंपनी ने फेसबुक की मूल कंपनी मेटा से 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 43,574 करोड़ रुपये और गूगल से 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के बदले 33,737 करोड़ रुपये जुटाए थे।

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