
पटना
पाटलिपुत्र सेटेलाइट टाउनशिप में सिर्फ सड़क, मकान और व्यावसायिक क्षेत्र ही विकसित नहीं होंगे, बल्कि पर्यावरण और जल संरक्षण को भी शहरी विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। प्रस्तावित योजना में नदियों, तालाबों, नहरों, पार्कों, जंगलों और खुले क्षेत्रों को आपस में जोड़कर हरित और जल नेटवर्क तैयार करने की योजना है।
संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखने पर जोर
इस पूरी कवायद का मकसद टाउनशिप को बाढ़, जलजमाव और बढ़ती गर्मी जैसी समस्याओं से बचादा है। नगर विकास विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सेटेलाइट टाउनशिप की योजना में प्राकृतिक जल स्रोतों और पर्यावरण की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है।
हरित गलियारों और पार्कों को आपस में जोड़कर हरित क्षेत्र विकसित करने पर भी फोकस किया गया है। इससे पेड़-पौधों और दूसरे जीव-जंतुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार होगा।
बारिश के पानी का होगा बेहतर इस्तेमाल
टाउनशिप में बारिश के पानी की निकासी के साथ उसके संरक्षण की भी व्यवस्था की जाएगी। बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था से भूजल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी। इससे आने वाले समय में पानी की जरूरत पूरी करने में भी सहूलियत होगी।
भारी बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ का खतरा कम करना भी योजना का प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही बढ़ती गर्मी से राहत के लिए अधिक हरित क्षेत्र विकसित कर शहर के तापमान को नियंत्रित करने और हवा की गुणवत्ता सुधार पर भी सरकार का जोर है।
प्रमुख बातें जिन पर सरकार का जोर
जलजमाव और बाढ़ का खतरा कम करना।
भूजल रिचार्ज कर पानी की उपलब्धता बनाए रखना।
अधिक पेड़-पौधों से गर्मी का असर को कम करना।
पार्क और खुले क्षेत्र मनोरंजन के साधनों का विकास।
टाउनशिप में रहने वालों को मिले स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण।
प्राकृतिक जल स्रोतों और जैव विविधता के संरक्षण पर जोर।



