मध्य प्रदेश

उज्जैन में हजारों करोड़ के घटिया निर्माण का मुद्दा गरमाया, सांसद ने गडकरी से मांगी सख्त कार्रवाई

उज्जैन 

सिहंस्थ-2028 से पहले उज्जैन में हजारों करोड़ के निर्माण कार्यों के घटिया निर्माण उजागर हो गए। शहर को राजस्थान और दिल्ली से जोड़ने के लिए 4 हजार करोड़ रुपए से बनाए देवास-बदनावर और उज्जैन-गरोठ दोनों हाईवे अभी से ही खराब हो गए। घटिया निर्माण सामने आते ही सांसद अनिल फिरोजिया ने भी मोर्चा खोल दिया।

दिल्ली में सांसद फिरोजिया ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गड़करी से मुलाकात की। 2600 करोड़ रुपए से बन रहे उज्जैन-गरोठ और 1400 करोड़ से बने देवास-बदनावर हाइवे में निर्माण की गुणवत्ता संबंधी हकीकत बताई।

सांसद ने गड़करी को बताया कि देवास-बदनावर हाईवे को अभी 3 साल ही हुए है, पिछले एक साल से वह लगातार क्षतिग्रस्त हो रहा है। उज्जैन-गरोठ हाईवे तो अभी निर्माणाधीन है। लोकार्पण से पहले ही यह हाइवे धंसने लगा है। सांसद दोनों हाईवे की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री को उज्जैन-गरोठ व देवास-बदनावर दोनों हाईवे की गुणवत्ता से अवगत करा दिया है। उन्होंने जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की बात की है। – अनिल फिरोजिया, सांसद

सिंहस्थ से पहले उज्जैन में बड़ा सड़क विस्तार, शक्तिपीठ मार्ग होगा 15 मीटर चौड़ा; 136 दुकानें टूटेंगी

 धार्मिक नगरी उज्जैन में सिंहस्थ (Ujjain Simhastha 2028) तैयारियों को आगे बढ़ाते हुए हुए अब गुदरी चौराहा से हरसिद्धि की पाल तक सड़क चौड़ीकरण की तैयारी है। इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसमें 136 दुकान मुकान प्रभावित होंगे। गुदरी चौराहा से पानदरिया होते हुए हरसिद्धि पाल यातायात तक लगभग 570 मीटर लंबा मार्ग पुराने शहर के यातायात के साथ महाकाल सवारी मार्ग का प्रमुख हिस्सा है।

सिंहस्थ में प्रबंधन के मान से भी यह मार्ग महत्वपूर्ण है। नगर निगम अब इसे 15 मीटर चौड़ा करेगा। करीब 14 करोड़ की लागत से मार्ग का चौड़ीकरण किया जाएगा। मंगलवार को निगम ने वर्तमान रोड के मध्य से नपती व भवनों के प्रभाविता हिस्सों पर मार्किंग का काम शुरू कर दिया है। इसके माध्यम से प्रस्तावित सड़क की सीमा निर्धारित करने के साथ ही प्रभावित भवनों का चिन्हांकन किया जा रहा है। भवन निरीक्षक सौम्या चतुर्वेदी और निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की मार्किंग की।

इस मार्ग से निकलती है सिंहस्थ में पेशवाई
पाल मार्ग गुदरी चौराहा से हरसिद्धि पाल पुराने शहर के व्यस्ततम मार्गों में से एक है। बाबा महाकाल की सवारी के साथ सिंहस्थ के दौरान पेशवाई भी इसी मार्ग से होकर गुजरती है। इस कारण सिंहस्थ तैयारियों के चलते इस मार्ग का विशेष महत्व है। रामघाट व हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र की ओर आने जाने वाले श्रद्धालुओं व लोगों के लिए भी यह प्रमुख संपर्क मार्ग है।

सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन है उद्देश्य
सिंहस्थ-2028 के दौरान महाकाल क्षेत्र से रामघाट की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन् को सुगम बनाना और भीड़ प्रबंधन के लिए मार्ग की क्षमता बढ़ाना। अप्रैल 2026 में हुई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय समिति अलावा की बैठक में इस मार्ग के चौड़ीकरण के साथ सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण को मंजूरी दी गई थी। इसी बैठक में गुदरी हरसिद्धि पाल मार्ग के अलावा बबई वाले की धर्मशाला से दानी गेट, शिंदे नर्सिंग होम से नीलगंगा, गौतम मार्ग से तिलकेश्वर, अंकुपात् से मंगलनाथ और महाकाल चौराहे से गोपाल मंदिर होते हुए कमरी मार्ग सहित कई सड़कों के चौड़ीकरण, निर्माण को मंजूरी दी थी। 22 कार्यों के लिए 2,923.84 करोड़ की स्वीकृति देकर मुख्यमंत्री ने इन सिंहस्थ संबंधी कार्यों को 2027 की दीपावली तक पूरा करने के निर्देश दिए है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button