उत्तर प्रदेशराज्य

फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

योगी सरकार फैजुल्लागंज में लगातार चला रही बाढ़ राहत कार्य, प्रभारी मंत्री ने किया निरीक्षण

प्रभावित घरों तक राहत पहुंचाने में जुटा प्रशासन, पेयजल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था तेज

महापौर के निर्देश, प्रभावित क्षेत्रों में लगाए जाएंगे सभी उपलब्ध टैंकर और मोबाइल टॉयलेट

जलनिकासी के बाद भी 10 से 12 दिन चलेगा सफाई और सैनिटाइजेशन अभियान

फैजुल्लागंज में बाढ़ से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर जोर, नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

लखनऊ,
 योगी सरकार बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने और जनजीवन सामान्य बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री और जनपद के प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने लखनऊ के फैजुल्लागंज क्षेत्र में बाढ़ प्रभावित इलाकों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी, शिकायतों के निस्तारण और राहत कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, स्वच्छ पेयजल और जरूरी सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं।

प्रभारी मंत्री ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों की सहायता करना शासन-प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न रहे। उन्होंने जलनिकासी में तेजी लाने और प्रभावित बस्तियों में रहने वाले लोगों की दैनिक जरूरतों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

6500 घर और करीब 50 हजार लोग प्रभावित

निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से फैजुल्लागंज क्षेत्र में करीब 6500 घर, लगभग आठ किलोमीटर का क्षेत्र और करीब 50 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए नगर निगम और प्रशासन की टीमें लगातार काम कर रही हैं। अस्थायी आश्रय स्थलों, पेयजल आपूर्ति, खाद्य सामग्री वितरण, सफाई और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है।

पेयजल और स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर

मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी के टैंकर भेजने और लोगों को फिलहाल समर्सिबल पंप का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह देने के निर्देश दिए, ताकि दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा कम किया जा सके। उन्होंने जलभराव से प्रभावित घरों के सेप्टिक टैंकों की स्थिति का आकलन कर जरूरत के अनुसार सक्शन मशीनों से सफाई कराने, नालियों की सफाई, कीटनाशक छिड़काव, फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान चलाने के निर्देश दिए। आवश्यकता के अनुसार ड्रोन से छिड़काव कराने के भी निर्देश दिए गए।

प्रभारी मंत्री ने निर्देश दिए कि प्रभावित बस्तियों में लोगों के आवागमन के लिए चलने योग्य रास्ते तैयार किए जाएं। भविष्य में जलभराव की समस्या को कम करने के लिए इंटरलॉकिंग सड़कों सहित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की योजना बनाई जाए।

सभी टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित क्षेत्रों में लगाने के निर्देश

महापौर सुषमा खर्कवाल ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि नगर निगम के सभी उपलब्ध जल टैंकर और मोबाइल टॉयलेट प्रभावित इलाकों में लगाए जाएं। ताकि प्रभावित परिवारों को पेयजल और स्वच्छता संबंधी परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि जलनिकासी के साथ घरों, गलियों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा सैनिटाइजेशन पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। 

जलनिकासी के बाद भी जारी रहेगा सफाई अभियान

प्रभारी मंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों से पानी पूरी तरह निकलने में करीब एक सप्ताह लगने का अनुमान है। इसके बाद भी अगले 10 से 12 दिनों तक सफाई, कीटनाशक छिड़काव और सैनिटाइजेशन अभियान चलाना जरूरी होगा, ताकि संक्रमण का खतरा कम किया जा सके और जनजीवन सामान्य हो सके। उन्होंने राहत कार्यों में सहयोग कर रही स्वयंसेवी संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रयासों की सराहना की।

नदी किनारे बंधा बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

प्रभारी मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि फैजुल्लागंज क्षेत्र में भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव के लिए स्थायी समाधान पर भी काम किया जाना चाहिए। नदी के किनारे बंधा बनाने सहित आवश्यक सुरक्षात्मक उपायों की संभावनाओं का आकलन किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए। महापौर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि नगर निगम की टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। पेयजल, खाद्य सामग्री, सफाई, स्वास्थ्य सुरक्षा और आवागमन की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। राहत एवं पुनर्वास कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री और रक्षामंत्री ने भी लिया संज्ञान

प्रभारी मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। जबकि रक्षा मंत्री और लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों का हाल जाना और राहत कार्यों का जायजा लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति सामान्य होने तक राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी रहेंगे। शासन- प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक प्रभावित परिवार को आवश्यक सहायता मिले और क्षेत्र में जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

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