
चंडीगढ़.
चंडीगढ़: हरियाणा के सरकारी अस्पतालों में इलाज और परामर्श के लिए आने वाले मरीजों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश के सभी जिला नागरिक अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित कुल 610 स्वास्थ्य संस्थानों में अब डिजिटल (UPI) भुगतान प्रणाली पूरी तरह से लागू कर दी गई है।
इसके साथ ही 118 स्वास्थ्य संस्थानों में 'स्कैन एंड रजिस्टर' (Scan & Register) सुविधा की शुरुआत की गई है, जिससे मरीजों को लंबी कतारों में खड़े हुए बिना घर बैठे ही ओपीडी (OPD) पंजीकरण की सुविधा मिलेगी।
सभी 23 जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में UPI भुगतान शुरू
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य के सभी 23 जिला नागरिक अस्पतालों, 52 नागरिक एवं उप-नागरिक अस्पतालों, 121 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और 414 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में UPI भुगतान प्रणाली शुरू कर दी गई है।
किन सेवाओं के लिए होगा ऑनलाइन भुगतान
मरीज अब ओपीडी पंजीकरण, आईपीडी (IPD) फीस, मेडिको-लीगल मामलों तथा अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित शुल्क का भुगतान सीधे UPI के जरिए कर सकेंगे।
सिविल सर्जन कार्यालय: प्रदेश के सभी सिविल सर्जन कार्यालयों में भी यह ऑनलाइन भुगतान सुविधा उपलब्ध करा दी गई है।
घर बैठे करा सकेंगे ऑनलाइन OPD रजिस्ट्रेशन –
ई-उपचार (e-Upchar) अस्पताल प्रबंधन सूचना प्रणाली के तहत राज्य के प्रमुख अस्पतालों को आपस में जोड़ा है:
पूर्व-पंजीकरण (Pre-registration): मरीज अब अस्पताल जाने से पहले ही ऑनलाइन ओपीडी रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं, जिससे उन्हें अस्पताल पहुंचने पर रजिस्ट्रेशन काउंटर की लंबी लाइनों में खड़े नहीं होना पड़ेगा।
अलग काउंटर की व्यवस्था: ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने वाले मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग से स्पेशल काउंटर स्थापित किए गए हैं, ताकि उन्हें निर्धारित समय पर तुरंत चिकित्सा परामर्श मिल सके।
पानीपत से हुआ था सफल ट्रायल
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस डिजिटल भुगतान व्यवस्था का सबसे पहला ट्रायल पानीपत के जिला नागरिक अस्पताल में किया गया था।
सफल परीक्षण: पानीपत में मिले सकारात्मक परिणामों के बाद 13 अक्टूबर को एक राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें सभी सिविल सर्जनों को 16 अक्टूबर तक इसे लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
समयसीमा में काम पूरा: स्वास्थ्य विभाग ने निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रदेश के सभी 23 जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों में इस पूरी व्यवस्था को सफलतापूर्वक क्रियान्वित कर दिया है।



