मध्य प्रदेश

त्योहारी सीजन में साइबर ठगों का नया जाल, फ्री गिफ्ट और कैशबैक के नाम पर APK फाइल से धोखाधड़ी

ग्वालियर
 दीपावली नजदीक आते ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। कपड़े, गहने, गैजेट्स और उपहारों की खरीदारी के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हैं। त्योहारी उत्साह का फायदा उठाकर वे लोगों को ठगने के नए तरीके अपना रहे हैं। ग्वालियर पुलिस ने नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर सावधानी बरतने की अपील की है।

लुभावने ऑफर और शुभकामना संदेश के नाम पर भेजी गई एपीके (एंड्राइड पैकेज किट) फाइल से मोबाइल हैक कर बैंक खाता खाली किया जा सकता है। ठगी होने पर बैंक की छुट्टियों के कारण खाता फ्रीज कराना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

फ्री गिफ्ट, लकी ड्रॉ का लालच
त्योहारों के दौरान ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भारी डिस्काउंट, फ्री गिफ्ट, लकी ड्रॉ और कैशबैक का लालच देकर ठगी की जा रही है। ठग मैसेज, ई-मेल या इंटरनेट मीडिया के जरिये ऐसे लिंक भेजते हैं, जिन पर क्लिक करने से फर्जी वेबसाइट खुलती है। क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या बिना कागजी कार्रवाई के तुरंत लोन देने का झांसा देकर वे लोगों से ओटीपी, पिन और सीवीवी जैसी गोपनीय बैंक जानकारी हासिल कर लेते हैं।

पिछले साल कई लोगों के साथ हुई ठगी
पिछले साल दीपावली पर शुभकामना संदेश के बहाने एपीके फाइल डाउनलोड कराकर सबसे ज्यादा ठगी की गई थी। इस बार भी ऐसी आशंका है। तीन दिन पहले ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में रहने वाले धर्मेंद्र शर्मा से 13 हजार रुपये की ठगी हुई। इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन पर की गई है।

लोग अक्सर बिना जांचे-परखे ऐसी फाइलें मोबाइल में इंस्टाल कर लेते हैं। एपीके फाइल डाउनलोड होते ही ठगों को फोन का रिमोट एक्सेस मिल सकता है।

इसके बाद वे मोबाइल हैक कर बैंक खातों और पे वालेट से रकम निकाल सकते हैं। पुलिस ने अनजान नंबर या इंटरनेट मीडिया से आए लुभावने आफर, लकी ड्रॉ और डिस्काउंट लिंक न खोलने की सलाह दी है।

वॉट्सअप या अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर ग्रीटिंग कार्ड अथवा शुभकामना संदेश के नाम से आई अज्ञात एपीके फाइल डाउनलोड या इंस्टाल न करें। ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड और बैंक खाते की जानकारी किसी से साझा न करें। पुलिस के मुताबिक, बैंक या वित्तीय संस्थान फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगते। एपीके फाइल के जरिए ठगी त्योहारों के समय बढ़ती है। पिछले साल दीपावली पर भी कई घटनाएं हुई थीं, इसलिए सावधानी जरूरी है। -संजीव नयन शर्मा , डीएसपी, राज्य साइबर सेल।

 

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