ओडिशा के मलकानगिरी से भी इलाज के लिए पहुंच रहे मरीज, मिल रही राहत

सेवा की कहानी
रायपुर
कभी दुर्गम क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले बस्तर के सुकमा जिले में अब स्वास्थ्य सेवाएं दूर-दराज के मरीजों के लिए उम्मीद बन रही हैं। जिला अस्पताल में संचालित निःशुल्क डायलिसिस यूनिट किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को राहत दे रही है। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के मरीजों के साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी से आने वाले लोग भी उठा रहे हैं।
मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सुकमा जिला प्रशासन अस्पताल की व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार जिला चिकित्सालय की स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, विशेषज्ञों और चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) मद से डॉक्टरों की नियुक्तियां की गई हैं। इससे अस्पताल में उपचार की सुविधाओं को मजबूत करने में मदद मिली है।
दो महीने से मिल रही निःशुल्क सेवा
ओडिशा के मलकानगिरी निवासी गौतम मजूमदार किडनी की गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा नहीं मिलने के कारण उन्हें उपचार के लिए परेशानी उठानी पड़ रही थी। सुकमा के डायलिसिस सेंटर की जानकारी मिलने पर उन्होंने यहां उपचार शुरू कराया। गौतम बताते हैं, पिछले दो महीनों से सुकमा जिला अस्पताल में मुझे पूरी तरह निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा मिल रही है। यहां अस्पताल का स्टाफ भी आत्मीयता से देखभाल करता है। इस सुविधा से मुझे काफी राहत मिली है। मैं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का आभारी हूं।
मलकानगिरी के ही ध्रुवल राय और दत्ता जैसे मरीजों को भी यहां उपचार का लाभ मिल रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि सीमावर्ती क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को उपचार के लिए दूर जाने की मजबूरी से राहत दे सकती हैं। सुकमा जिला अस्पताल में निःशुल्क डायलिसिस की व्यवस्था गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक राहत के साथ भरोसे का आधार भी बन रही है।



