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भारत-रूस दोस्ती पर पुतिन का बड़ा बयान! PM मोदी की तारीफ के साथ किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने  भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान भारत और रूस के रिश्तों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की. पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने में पीएम मोदी की व्यक्तिगत दिलचस्पी की बड़ी भूमिका है. उन्होंने जयशंकर से प्रधानमंत्री मोदी को अपना गर्मजोशी भरा अभिवादन पहुंचाने को भी कहा। 

पुतिन ने इस मुलाकात के दौरान भारत के किसानों के लिए रूस से खाद की सप्लाई बढ़ाने का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि रूस यह सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रहा है कि भारतीय कृषि क्षेत्र को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक मिलता रहे। 

‘भारत-रूस व्यापार में फिर दिख रही रिकवरी’
पुतिन ने कहा कि 2025 में भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें सुधार के संकेत नजर आ रहे हैं. उन्होंने इस रफ्तार के पीछे कई कारणों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका को खास तौर पर रेखांकित किया। 

रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि व्यापार और आर्थिक संबंधों में दोबारा तेजी आने का एक बड़ा कारण पीएम मोदी का भारत-रूस संबंधों के विकास पर व्यक्तिगत ध्यान देना है। 

पुतिन ने जयशंकर से कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी से जल्द मुलाकात की उम्मीद कर रहे हैं. उन्होंने संकेत दिया कि दोनों नेताओं की मुलाकात शंघाई सहयोग संगठन (SCO) से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान हो सकती है. पुतिन ने यह भी कहा कि कार्यक्रम और समय-सारिणी के हिसाब से इस साल के अंत में भी दोनों नेताओं की मुलाकात संभव है। 

भारतीय किसानों के लिए रूस का बड़ा भरोसा
इस बैठक में खाद की सप्लाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा. पुतिन ने कहा कि तेल-गैस की सप्लाई के साथ-साथ उर्वरक की उपलब्धता भी दोनों देशों के सहयोग का अहम हिस्सा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि रूस भारतीय किसानों और कृषि क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए उर्वरक की सप्लाई बढ़ा रहा है और आगे भी इसे जारी रखने के लिए तैयार है। 

भारत के लिए यह आश्वासन इसलिए अहम है, क्योंकि कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की समय पर और पर्याप्त उपलब्धता सीधे किसानों की उत्पादन क्षमता और लागत से जुड़ी होती है। 

किन-किन क्षेत्रों में बढ़ा सहयोग
पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच सहयोग केवल ऊर्जा और खाद तक सीमित नहीं है. परमाणु ऊर्जा, हाईटेक सेक्टर और दूसरे रणनीतिक क्षेत्रों में भी दोनों देश लगातार आगे बढ़ रहे हैं। 

भारत और रूस के बीच लंबे समय से ऊर्जा, रक्षा, परमाणु सहयोग और तकनीकी क्षेत्र में मजबूत साझेदारी रही है. मौजूदा दौर में दोनों देश आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर भी जोर दे रहे हैं। 

जयशंकर के साथ पुतिन की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब नई दिल्ली और मॉस्को अपने पुराने रणनीतिक रिश्तों को नए आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों तक विस्तार देने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में पुतिन का मोदी की तारीफ करना और भारत को खाद की सप्लाई बढ़ाने का भरोसा देना दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों का संकेत माना जा रहा है। 

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