राजस्थानराज्य

राजस्थान में अवैध विदेशी पटाखों पर शिकंजा, चीनी आतिशबाजी से जान का खतरा; उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

जयपुर
अवैध रूप से विदेशी पटाखे रखने और बेचने वालों की अब खैर नहीं है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे जेल भी हो सकती है। दीपावली के त्योहार के नजदीक आते ही पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन Petroleum and Explosives Safety Organisation। (PESO) ने एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना जारी कर आम नागरिकों और व्यापारियों को अवैध विदेशी आतिशबाजी से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी है। यह नोटिस मुख्य विस्फोटक नियंत्रक द्वारा जारी किया गया है, जिसमें विदेशी मूल के पटाखों के अवैध आयात और उनके इस्तेमाल से पैदा होने वाले गंभीर खतरों की ओर ध्यान दिलाया गया है।

अवैध आयात और गलत घोषणाओं का खुलासा
सरकार के संज्ञान में यह बात आई है कि कई व्यापारिक घराने गलत घोषणा करके विदेशी मूल की आतिशबाजी को भारत में अवैध रूप से ला रहे हैं। आईटीसी (एचएस) कोड के तहत आतिशबाजी आयात के लिए प्रतिबंधित वस्तु घोषित की गई है। Explosives Rules, 2008 के प्रावधानों के अनुसार PESO ने अब तक किसी भी विदेशी आतिशबाजी के कब्जे या बिक्री के लिए कोई आयात लाइसेंस जारी नहीं किया है। इसके बावजूद बाजार में ऐसे पटाखे आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं, जो कानून का खुला उल्लंघन है। यदि कोई ऐसा करता है तो उसे तीन साल जेल या 3 हजार रुपए जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

पोटेशियम क्लोरेट का जानलेवा खतरा
इन तस्करी किए गए विदेशी पटाखों में अक्सर ‘पोटेशियमक्लोरेट’ नामक खतरनाक रसायन पाया जाता है। यह रसायन अत्यंत संवेदनशील होता है और अचानक आग पकड़ सकता है या आसानी से विस्फोट कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे पटाखे सिर्फ दुर्घटना का कारण नहीं बनते, बल्कि गंभीर जलने, अस्थायी या स्थायी चोट और यहां तक कि मौत का भी कारण बन सकते हैं। इसके अलावा ये पर्यावरण प्रदूषण बढ़ाते हैं और सांस संबंधी बीमारियों को बढ़ावा देते हैं।

जन सुरक्षा और संपत्ति की रक्षा जरूरी
PESO ने स्पष्ट किया है कि जनजीवन और संपत्ति की सुरक्षा के हित में आम लोगों तथा हितधारकों को सतर्क रहना चाहिए। यदि किसी को ऐसे अवैध विदेशी पटाखों के स्टॉक, बिक्री या भंडारण की जानकारी हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या जिला प्रशासन को सूचित करें। अवैध आतिशबाजी रखने या बेचने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। दीपावली जैसे त्योहार में बच्चों और परिवार की सुरक्षा सबसे ऊपर होनी चाहिए।

अधिकृत और सुरक्षित विकल्प अपनाएं
PESO ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत भारतीय निर्माताओं से PESO-स्वीकृत ग्रीन क्रैकर्स या कम आवाज वाले सुरक्षित पटाखे ही खरीदें। विदेशी पटाखों का आकर्षण भले ही ज्यादा हो, लेकिन इनका इस्तेमाल जान जोखिम में डालना है। बाजार में उपलब्ध अवैध सामान से दूरी बनाकर न सिर्फ कानून का पालन होगा, बल्कि त्योहार की खुशियां भी सुरक्षित रहेंगी।

इस सार्वजनिक सूचना के जरिए सरकार ने एक बार फिर साफ संदेश दिया है कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। दीपावली 2026 के मौके पर सभी नागरिकों से अनुरोध है कि वे सतर्क रहें, अवैध पटाखों की सूचना दें और परिवार के साथ सुरक्षित त्योहार मनाएं। जान है तो जहान है- सुरक्षा को प्राथमिकता दें।

कुछ प्रमुख हालिया मामले (2025-2026) में सामने आए

  • अक्टूबर 2026: हैदराबाद DRI ने चेन्नई पोर्ट पर लगभग 12 करोड़ रुपए मूल्य के चीनी पटाखे जब्त किए। इन्हें स्टेशनरी सामान, मेडिकल ग्लव्स, प्लास्टिक क्लिप, हेयर बैंड, वॉर्डरोब आदि बताकर आयात किया जा रहा था।
  • जून 2026: चेन्नई और मुंबई में 35 करोड़ रुपए के चीनी पटाखे जब्त। कंटेनरों में “ट्रॉलीबैग” और “स्प्रेयर” की गलत घोषणा की गई थी। 12 लोग गिरफ्तार।
  • अक्टूबर 2025: न्हावाशेवा पोर्ट (मुंबई) पर 4.82 करोड़ के चीनी पटाखे जब्त। इन्हें “लेगिंग्स”(कपड़े) बताकर लाया जा रहा था। गुजरात से एक मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
  • जुलाई 2025: न्हावा शेवा, मुंद्रा और कांडला में 35 करोड़ के पटाखे जब्त। “मिनी सजावटी पौधे”, “कृत्रिमफूल” और “प्लास्टिकमैट” की गलत घोषणा की गई थी।
  • अप्रेल 2026: न्हावाशेवा पर 70 मीट्रिक टन (लगभग 17 करोड़) चीनी पटाखे जब्त। दो गिरफ्तार।

सभी मामलों में तरीका एक जैसा है
कंटेनर में ऊपर-ऊपर हल्के सामान (कपड़े, गिलास, स्टेशनरी आदि) रखकर पीछे/नीचे पटाखे छिपाए जाते हैं, और दस्तावेजों में गलत नाम डाल दिया जाता है ताकि कस्टम चेक से बच सकें। PESO से लाइसेंस नहीं लिया जाता क्योंकि आयात प्रतिबंधित है। यानी PESO की चेतावनी सिर्फ कागजी नहीं थी – असल में बड़े पैमाने पर तस्करी हो रही थी और एजेंसियां लगातार पकड़ रही हैं।

राजस्थान में भी पकड़े मामले
चीनी तैयार पटाखों की बड़ी तस्करी के मामले मुंबई, चेन्नई, मुंद्रा पोर्ट पर पकड़े गए। राजस्थान में चीनी केमिकल लाकर अवैध निर्माण करने और बिना लाइसेंस के बड़े पैमाने पर स्टॉक रखने के कई मामले आए हैं। राजस्थान में समस्या ज्यादातर अवैध निर्माण और भंडारण की है, न कि पोर्ट से सीधे चीनी पटाखों की तस्करी की।

    भिवाड़ी (अलवर) फैक्ट्री ब्लास्ट – फरवरी 2026- अवैध पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ, 7 मजदूर मारे गए। पुलिस जांच में चीन कनेक्शन निकला। आरोपी चीन से बिना लाइसेंस के केमिकल और कच्चा माल मंगवा रहे थे। तीन लोग गिरफ्तार हुए।
    बारां जिला – फरवरी 2026- गोदामों से 231 टन विस्फोटक सामग्री (लगभग 40 करोड़ रुपये) जब्त हुई। क्षमता से ज्यादा स्टॉक और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन था।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button