पंजाबराज्य

पंजाब दौरे पर अमित शाह को विरोध का सामना? एक्शन कमेटी बोली- मंच पर नहीं आने देंगे

चंडीगढ़
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 20 अक्तूबर को पंजाब के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात कर सकते हैं। झोटा की 13 अक्तूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शाह गुरदासपुर में नशा विरोधी कार्यकर्ता बिक्रमजीत सिंह के परिवार से भी मिल सकते हैं। बिक्रमजीत की 15 अक्तूबर की रात नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने पर कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी। शाह संगरूर में मजदूर गुलजार सिंह के परिवार से भी मुलाकात कर सकते हैं। गुलजार ने नशे के खिलाफ आवाज उठाने के बाद आत्महत्या कर ली थी और इसके लिए कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया था। 

एक माह के भीतर पंजाब का दूसरा दौरा
भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सोशल मीडिया पर शाह के दौरे की जानकारी साझा की है। करीब एक माह के भीतर यह शाह का पंजाब का दूसरा दौरा होगा।इसके बाद अब झोटा हत्याकांड को लेकर गठित एक्शन कमेटी ने उनके मानसा दौरे का विरोध करने और झोटा के परिवार से मुलाकात पर आपत्ति जताई है। कमेटी ने कहा कि उन्हें मंच पर नहीं आने दिया जाएगा।दूसरी ओर, झोटा के पिता भीम सिंह ने आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें बिना जानकारी दिए फैसले लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है और धरने में आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं होना चाहिए।

मेडिकल स्टोर पर नशा बेचने का विरोध करने पर 13 अक्टूबर को गोली मारकर झोटा की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद से परिवार धरना पर बैठा हुआ है, जिसका आज 7वां दिन है। अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। परिवार मामले की CBI जांच समेत 5 मांगों को पूरा करने पर अड़ा हुआ है।

पंजाब सरकार से मांगी विस्तृत रिपोर्ट
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नशा विरोधी कार्यकर्ताओं पर जानलेवा हमलों, उन्हें परेशान किए जाने और उनके आत्महत्या करने के मामलों पर पंजाब सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी थी। मंत्रालय ने झोटा की हत्या और गुलजार की आत्महत्या का संज्ञान लेते हुए कहा था कि ऐसी घटनाओं का कानून-व्यवस्था पर असर पड़ सकता है। केंद्र ने मुख्यमंत्रियों के साथ साझा किए गए नारकोटिक्स कंट्रोल विजन डॉक्यूमेंट (2026-2029) पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी मांगी है।

शाह ने किया था मान से सवाल
शाह ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल किया था कि पंजाब के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने कहा था कि दिड़बा में एक पिता का दबाव में जहर खा लेना और मानसा में झोटा की दिनदहाड़े हत्या पंजाब की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पंजाब नशे की समस्या से जूझ रहा
बिट्टू ने रविवार को शाह के दौरे का स्वागत करते हुए कहा कि पंजाब नशे की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इसके लिए निर्णायक कार्रवाई, मजबूत नेतृत्व और युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के दृढ़ संकल्प की जरूरत है। उन्होंने लोगों से शाह का समर्थन करने और पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के सामूहिक प्रयास पर भरोसा रखने की अपील की।

एक्शन कमेटी बोली- अमित शाह का विरोध करेंगे

    अमित शाह के दौरे का विरोध करेगी कमेटी: परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में गठित एक्शन कमेटी ने 20 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे का विरोध करने का ऐलान किया है। कमेटी ने झोटा के परिवार से शाह की प्रस्तावित मुलाकात पर भी आपत्ति जताई है। एक्शन कमेटी की देर शाम हुई बैठक में फैसला लिया गया कि झोटा के पिता भीम सिंह फौजी से अपील की जाएगी कि वे केंद्रीय गृह मंत्री से दूरी बनाए रखें।

    केंद्र सरकार की भूमिका पर उठाए सवाल: कमेटी के नेता हरदीप सिंह ने कहा कि कमेटी ने भाजपा और केंद्र सरकार की नशे के खिलाफ कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। देश में नशे का बढ़ता प्रसार केवल पंजाब सरकार तक सीमित मुद्दा नहीं है। इसे रोकने की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की भी है। नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए केंद्र को ठोस कदम उठाने चाहिए।
    जिला प्रशासन के साथ 19 अक्टूबर को बैठक: एक्शन कमेटी की जिला प्रशासन के साथ पहली बैठक 19 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसमें हत्या की जांच, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने से जुड़ी मांगें उठाई जाएंगी।

झोटा के पिता बोले- बिना बताए फैसले हो रहे

    आंदोलन से जुड़े कुछ लोग गुमराह कर रहे: परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने सोमवार सुबह सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। जिसमें आंदोलन से जुड़े कुछ लोगों पर उन्हें गुमराह करने और पूरी जानकारी दिए बिना फैसले लेने का आरोप लगाया।

    सभी नेताओं का स्वागत: भीम सिंह का कहना है कि उनके बेटे को इंसाफ दिलाना प्राथमिकता है। इस मुद्दे पर आने वाले किसी भी राजनीतिक नेता का विरोध नहीं किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि धरने में आने वाले सभी नेताओं का स्वागत होना चाहिए।

    बैठकों के फैसलों की जानकारी नहीं दी: भीम सिंह फौजी ने कहा कि 13 से 16 अक्टूबर तक आंदोलन से जुड़े फैसले उनसे पूछकर लिए जा रहे थे और उन्हें इस पर कोई परेशानी नहीं थी। लेकिन 17 और 18 अक्टूबर को हुई बातचीत और लिए गए फैसलों की जानकारी उन्हें सीधे नहीं दी गई।

    फैसलों का दूसरे लोगों से पता चला: उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरे लोगों से पता चला कि बैठक में क्या निर्णय लिया गया है। भीम सिंह ने नाराजगी जताते हुए सवाल उठाया कि जब उनसे पूछकर फैसले लेने का भरोसा दिया गया था, तो फिर उन्हें जानकारी क्यों नहीं दी गई।

    केंद्र सरकार ही करवा सकती CBI जांच: भीम सिंह फौजी ने परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग दोहराई। उनका कहना है कि केंद्रीय गृह मंत्री इस दिशा में पहल कर सकते हैं और केंद्र सरकार को जांच के आदेश देने चाहिए।

अमित शाह बोले- AAP ने पंजाब को नशे के गर्त में धकेला
    20 अक्टूबर को तीन जिलों में जाएंगे शाह:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फेसबुक पर पोस्ट कर 20 अक्टूबर को पंजाब के तीन जिलों में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात करने की घोषणा की है। उनके कार्यक्रम में मानसा, संगरूर और गुरदासपुर शामिल हैं।

    सरकारी संरक्षण में चिट्टे का कारोबार: शाह ने पंजाब की AAP सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में चिट्टे का कारोबार फल-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की मौत से कई परिवारों को गहरा दुख पहुंचा है और वह इन परिवारों से मिलकर उनकी पीड़ा साझा करेंगे।

    चिट्टा कारोबारियों को चुन-चुनकर जेल भेजेंगे: उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ उठने वाली आवाजों को दबाने की कोशिश सफल नहीं होगी। भारत सरकार चिट्टा कारोबारियों को चुन-चुनकर जेल भेजेगी और पंजाब सहित पूरे देश को नशे के कारोबार से मुक्त कराने के लिए काम करेगी।

 

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